Thursday, February 14, 2019

ईष्ट, गुरु, अध्यापक और शिक्षक

ईष्ट है वो , जो हो आपके गुरु का guide। हर परिवार( माता, पिता, संतान) में दो गुरु होते हैं:
माता है बच्चों की गुरु
पति है पत्नी का गुरु
यहां हमे फर्क समझ लेना चाहिए, शिक्षक, अध्यापक, गुरु और ईष्ट का।
शिक्षक यानी जो predefined syllabus को तय समय सीमा में पूरा कराये। आजकल के प्रचलित schools में शिक्षक होते हैं।
अध्यापक यानी जो अपने अनुभव द्वारा पढाये और सिखाये। ऐसी शिक्षा सही दिशा में हो तो विद्या कहलाती है। विद्यालय में अध्यापक विद्या दान देते हैं।
गुरु यानी जो शिष्य की योग्यता पहचान कर उसे दिशाज्ञान दे, अपनी योग्यता बढ़ाने की। माँ बच्चो की पहली गुरु इसीलिए कहलाई।
ईष्ट यानी जो गुरु को दिशा दिखाए। ईष्ट हर स्थिति को समझकर सही दिशा दिखाने की योग्यता रखता है, इसलिए पूजनीय है।

No comments:

Post a Comment