व्यर्थ नहीं होने देंगे हम तेरी शहादत ए शहीद
जिस मिटटी पर तन तेरा गिरा,
जिस खून से खेली तूने होली,
अब वही सजेगा और फबेगा
हर मस्तक पर ए शहीद
व्यर्थ नहीं होने देंगे हम तेरी शहादत ए शहीद
तू गम ना कर, इस देश में,
अब भी पलते रखवाले हैं
मातृभूमि पे मर मिटने वाले,
लाखो करोडो मतवाले है
सर नहीं झुकने देंगे हिन्द का,
हम कसम ये खाते हैं
व्यर्थ नहीं होने देंगे हम तेरी शहादत ए शहीद
जिस दिन मिटटी पे मरने वाले ही मिटटी में मिल जाते हैं,
उस दिन लहू हैं लगते कांपने ,
और धरती अम्बर हिल जाते हैं,
अब खैर नहीं है दश्मन की जो छिपकर घात लगाते हैं
व्यर्थ नहीं होने देंगे हम तेरी शहादत ए शहीद
मणिदेवकी
(पुलवामा में शहीद हुए जवानो को नमन )