उम्र 40 वर्ष के पास पहुँचते ही अक्सर शुरू होती है शारीरिक व्याधियाँ और मानसिक तनाव से जूझते हुए कब आत्मविश्वास डिगना शुरू होता है, अमूमन पता भी नहीं चलता ∣
जैसे जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे वैसे शरीर कमजोर सा पड़ता महसूस होता है∣ इसे aging यानी बुढ़ापे की ओर आगे बढ़ना कहा गया है ∣
समस्या यह है कि कम उम्र में जब अपने शरीर की देखभाल करनी सीखनी थी, तब धन कमाने की प्रतियोगिता में कैसे अव्वल आएं सीखना प्रारम्भ हो जाता है | यही सीखना जब दिशाहीन होता है तो न्यौता दिया जाता है अनगिनत बीमारियों को| क्योंकि लालच और ईर्ष्या का पेड़ कब बढ़कर बीमारी के फल देने लगा, इसका पता last stage पर ही लगता है |
क्योंकि अक्सर energy और समय धन कमाने में ही व्यतीत किया गया इसलिए इलाज भी खरीदने का प्रयास करते हैं लोग |
"मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की"
और शुरू होता है सिलसिला कभी न ख़तम होने का |
मणिदेवकी
No comments:
Post a Comment